राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर अब बड़े-बड़े क्यूआर कोड लगाए गए हैं। नागरिकों की सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पीडब्ल्यूडी ने सुदृढ़ीकरण के दौर से गुजर रही सड़कों पर क्यूआर कोड-सक्षम डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सड़कों पर लगाए गए क्यूआर कोड की वजह भी बताई है।
मंत्री ने खुद दी जानकारी
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण जानकारी तक आसान पहुंच प्रदान करके और प्रतिक्रिया के लिए एक सीधा माध्यम बनाकर सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं के साथ लोगों के जुड़ने के तरीके को बदलना है।
लोगों को सड़क निर्माण की मिलेगी जानकारी
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री ने कहा, 'पारदर्शिता का अर्थ केवल सूचना साझा करना नहीं है। इसका अर्थ है लोगों की बात सुनना। इस पहल से नागरिकों को न केवल सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी मिलेगी, बल्कि वे सीधे अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकेंगे।'
7 दिनों के अंदर लगाए जाएंगे डिस्प्ले बोर्ड
अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के 7 दिनों के भीतर डिस्प्ले बोर्ड लगा दिए जाएंगे। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, 'इन्हें प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टॉप, मुख्य चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाया जाएगा ताकि ये आसानी से दिखाई दें।'
सड़क का नाम और लंबाई संबंधित होगी जानकारी
प्रत्येक क्यूआर कोड नागरिकों को परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देगा, जिसमें सड़क का नाम और लंबाई, अंतिम सुदृढ़ीकरण की तिथि, ठेकेदार या कार्यान्वयन एजेंसी आदि शामिल हैं।
लोगों को शिकायत करने में होगी आसानी
मंत्री ने कहा, 'इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली में एक प्रतिक्रिया सुविधा भी शामिल है, जिससे निवासियों को काम की गुणवत्ता के संबंध में शिकायतें, सुझाव या अपना समग्र अनुभव साझा करने में मदद मिलेगी।' पीडब्ल्यूडी मंत्री ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें, क्यूआर कोड हर समय कार्यात्मक रहें और किसी भी कार्य के बाद जानकारी को अद्यतन किया जाए।